ख्वाब

चंद रातों के ख्वाब

उम्र भर की नींद मांगते है !

 

 

-gulzar

कभी कभी यूँ भी हमने अपने जी को बहलाया है

जिन बातों को ख़ुद नहीं समझें औरों को समझायां है !

-nida fazli

ज़िन्दगी

क्या पता कब कहाँ से मारेगी,

बस की मैं ज़िन्दगी से डरता हु…

 

मौत का क्या है, एक बार मारेगी !

 

-gulzar

बग़ावत

बिकता है तू मस्ज़िद मंदिर में, ये देख मुझे डर लगता है !

माशूक़ है तू जिनके दिल का, उन्हें न बग़ावत हो जाए !!

-anonymous

जुस्तुजू

जुस्तुजू जिस की थी उसको तो न पाया हमने !

इसी बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने !!

-shaharyar

इंसान

कोई हिन्दू कोई मुसलमाँ कोई ईसाई है,

सब ने इन्साँ न बनने की कसम खाई है !!

 

-nida fazli

Quote

न फ़ित्र कोई न जुस्तजू है…

न फ़ित्र कोई न जुस्तजू है, न ख़्वाब कोई न आरजू है !
ये शक़्स तो कब का मर चूका है, तो बेकफन फिर ये लाश क्यों है !

-javed akhtar