तेरी नज़र…

वह रूप था या रंग था हर पल जो मेरे संग था

मैंने कहा कौन है उसने कहा तेरी नज़र

 

 

– aamir khusaro

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ख्वाब

चंद रातों के ख्वाब

उम्र भर की नींद मांगते है !

 

 

-gulzar

कभी कभी यूँ भी हमने अपने जी को बहलाया है

जिन बातों को ख़ुद नहीं समझें औरों को समझायां है !

-nida fazli

ज़िन्दगी

क्या पता कब कहाँ से मारेगी,

बस की मैं ज़िन्दगी से डरता हु…

 

मौत का क्या है, एक बार मारेगी !

 

-gulzar

बग़ावत

बिकता है तू मस्ज़िद मंदिर में, ये देख मुझे डर लगता है !

माशूक़ है तू जिनके दिल का, उन्हें न बग़ावत हो जाए !!

-anonymous

जुस्तुजू

जुस्तुजू जिस की थी उसको तो न पाया हमने !

इसी बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने !!

-shaharyar

दुश्मनी

दुश्मनी लाख सही, ख़त्म न कीजे रिश्ता !

दिल मिले या न मिले, हाथ मिलते रहिये !!

 

– nida fazli